“सिटी मजिस्ट्रेट ने एसएमजेएन कॉलेज पहुंचकर प्राचार्य डॉ. सुनील बत्रा से की अभद्रता, तबीयत बिगड़ने पर कनखल के अस्पताल में भर्ती..
एसआईआर प्रक्रिया को लेकर कर्मचारियों पर लगातार दबाव बना रहे सिटी मजिस्ट्रेट, एईआरओ, सुपरवाइजर और बीएलओ में रोष..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बीच हरिद्वार में सिटी मजिस्ट्रेट के कथित अमर्यादित व्यवहार को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शनिवार को एसएमजेएन (पीजी) कॉलेज में फॉर्म अपलोडिंग का कार्य चल रहा था।
कॉलेज के स्वयंसेवी छात्र अवकाश के दिनों में भी चक्रीय क्रम (रोटेशन) के आधार पर पहुंचकर निर्वाचन कार्य में सहयोग कर रहे हैं। आरोप है कि इसी दौरान निरीक्षण के लिए पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट ने कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुनील बत्रा के साथ अभद्र व्यवहार किया, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें उपचार के लिए कनखल स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कॉलेज सूत्रों के अनुसार एसआईआर कार्य को लेकर पिछले कई दिनों से लगातार दबाव का माहौल बना हुआ है। कर्मचारियों का कहना है कि सीमित संसाधनों और उपलब्ध स्टाफ के बावजूद कार्य तेजी से कराया जा रहा है। इसके बावजूद अधिकारियों की ओर से लगातार दबाव बनाए जाने से कार्मिकों में असंतोष बढ़ रहा है।
कर्मचारियों के मुताबिक सबसे आपत्तिजनक पहलू यह रहा कि स्वयंसेवी छात्रों और अन्य लोगों की मौजूदगी में प्राचार्य के साथ कथित तौर पर असम्मानजनक व्यवहार किया गया। इससे न केवल एक वरिष्ठ शिक्षाविद की गरिमा को ठेस पहुंची, बल्कि छात्रों के समक्ष भी गलत संदेश गया। घटना के बाद एईआरओ, सुपरवाइजरों और बीएलओ में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
वहीं कॉलेज के शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्रों और पूर्व छात्रों (एलुमनाई) ने भी घटना पर गहरा रोष जताया है। हरिद्वार के कई सामाजिक, शैक्षिक और नागरिक संगठनों ने भी सिटी मजिस्ट्रेट के व्यवहार की निंदा करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्य में लगे कर्मचारियों और शिक्षण संस्थानों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए।



