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“चार दिन… 120 सीसीटीवी… और फिर बेनकाब हुआ हाईटेक ‘चोर गैंग, SSP सर्वेश पंवार की रणनीति से पुलिस को मिली बड़ी सफलता..

दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड तक फैला था गिरोह का नेटवर्क, चार गिरफ्तार, फरार सरगना की तलाश में दबिश जारी..

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पंच👊नामा-ब्यूरो
कोटद्वार: शहर में बंद पड़े मकानों को निशाना बनाकर लाखों की चोरी करने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का आखिरकार पर्दाफाश हो गया। महज चार दिनों के भीतर पौड़ी पुलिस ने फिल्मी अंदाज में इस गैंग की पूरी कुंडली खोलते हुए चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। चोरी की बाइक से रेकी करने वाले इस गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था और आरोपियों पर चोरी, लूट व आर्म्स एक्ट समेत दर्जनों मुकदमे पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की नकदी, दो चोरी की अपाचे मोटरसाइकिलें और वारदात में प्रयुक्त कार बरामद की है, जबकि गिरोह का सरगना अभी फरार है।बीती 2 जुलाई 2026 को कोटद्वार निवासी उमेश चंद बमोला ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि जून माह की छुट्टियों में परिवार सहित पैतृक गांव जाने के दौरान उनके बंद मकान से अज्ञात चोर नगदी और सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर ले गए। मामले में कोतवाली कोटद्वार में मुकदमा दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार ने घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए व विशेष पुलिस टीमों का गठन कराया। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने तकनीकी और मैनुअल दोनों स्तरों पर व्यापक जांच शुरू की।इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज कुमार ठाकुर के निर्देशन में अलग – अलग टीमें गठित की गईं। एक टीम को घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में पतारसी-सुरागरसी की जिम्मेदारी दी गई, जबकि दूसरी टीम को सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण का कार्य सौंपा गया। क्षेत्राधिकारी कोटद्वार अस्मिता मंगाई के पर्यवेक्षण व प्रभारी निरीक्षक प्रदीप नेगी के नेतृत्व पुलिस ने घटनास्थल से लेकर दुर्गापुरी, देवी मंदिर रोड, नजीबाबाद रोड, नजीबाबाद और हरिद्वार मार्ग तक लगे करीब 120 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और संदिग्धों की गतिविधियों का बारीकी से विश्लेषण किया।एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक रणजीत तोमर और कोटद्वार पुलिस ने संयुक्त रूप से लगातार चार दिन तक दिन-रात मेहनत करते हुए मुखबिर तंत्र, सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरोह तक पहुंच बनाई। पुलिस ने गाजियाबाद निवासी मोहित, बरेली निवासी कासिफ उर्फ नन्हे, आमिर और आसिफ उर्फ अमन उर्फ भूरा उर्फ कैफ को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने कोटद्वार में चोरी की वारदात कबूल करते हुए बताया कि चोरी किए गए आभूषण मात्र 15 हजार रुपये में बेच दिए थे। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की रकम में से 13,600 रुपये नकद बरामद किए।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने 26 जून को उधम सिंह नगर जनपद के किच्छा क्षेत्र से एक अपाचे मोटरसाइकिल चोरी की थी और उसी बाइक से कोटद्वार में बंद मकानों की रेकी कर वारदात को अंजाम दिया। गिरोह का मुख्य साथी मोहम्मद आरिफ निवासी दिल्ली अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात करता था। पहले कार से शहर में पहुंचते, फिर स्थानीय स्तर पर मोटरसाइकिल चोरी कर उसी से कॉलोनियों में घूमकर बंद मकानों की रेकी करते थे। मौका मिलते ही ताले तोड़कर नकदी और जेवरात समेट लेते थे। पहचान छिपाने के लिए चोरी की बाइक कई बार घटनास्थल के आसपास ही छोड़ देते थे और चोरी का माल तत्काल दूसरे साथियों के जरिए दूसरी जगह भेज दिया जाता था। वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार का इस्तेमाल पुलिस से बचने और लगातार लोकेशन बदलने के लिए किया जाता था।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की रकम 13,600 रुपये, देहरादून जनपद से चोरी की गई दो अपाचे मोटरसाइकिलें व वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों और फरार मास्टरमाइंड के खिलाफ दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में चोरी, लूट, गैंगस्टर और आर्म्स एक्ट के तहत दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। मामले के सफल खुलासे पर एसएसपी सर्वेश पंवार ने पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।खुलासे में शामिल पुलिस टीम..
कोतवाली कोटद्वार से उपनिरीक्षक वेद प्रकाश, उपनिरीक्षक अभिनव शर्मा, हेड कांस्टेबल गुरमीत, कांस्टेबल आशीष बिष्ट, कांस्टेबल चंद्रपाल, होमगार्ड कुलदीप, एसओजी/सीआईयू कोटद्वार टीम से रणजीत तोमर (प्रभारी सीआईयू/एसओजी कोटद्वार व हेड कांस्टेबल उत्तम सिंह शामिल रहे।

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