देहरादून

“4600 ग्रेड पे की मांग पर सड़कों पर उतरा पुलिस परिवार, सोशल मीडिया पर भी दिनभर छाया मुद्दा..

मुख्यमंत्री धामी के पुराने समर्थन वाले वीडियो भी हुए वायरल, पुलिस कर्मियों को पोस्ट लाइक, कमेंट और शेयर नहीं करने की हिदायत चर्चा में..

खबर को सुनें

पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड पुलिस के जवानों की वर्षों से लंबित 4600 ग्रेड पे की मांग को लेकर रविवार को राजधानी देहरादून में “पुलिस अधिकार मार्च” निकाला गया। शांतिपूर्ण माहौल में आयोजित इस मार्च में पुलिस परिवार, पूर्व सैनिक, विभिन्न सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से पुलिस कर्मियों की न्यायोचित मांग पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील करते हुए कहा कि प्रदेश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने वाले जवान लंबे समय से अपने अधिकार की प्रतीक्षा कर रहे हैं।मार्च के दौरान एडवोकेट संदीप चमोली ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस के जवान चौबीसों घंटे जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने में जुटे रहते हैं। ऐसे में उनकी लंबे समय से लंबित 4600 ग्रेड पे की मांग पर सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए। सुराज सेवा दल के अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी ने कहा कि पुलिस कर्मियों की इस मांग पर संवेदनशीलता के साथ विचार कर जल्द फैसला लिया जाए, ताकि उनका मनोबल और मजबूत हो। राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के अध्यक्ष शिव प्रसाद सेमवाल ने कहा कि 4600 ग्रेड पे कोई उपकार नहीं, बल्कि उत्तराखंड पुलिस के जवानों का अधिकार है और सरकार को इस पर अब और विलंब नहीं करना चाहिए।सोशल मीडिया पर दिनभर ट्रेंड करता रहा मुद्दा…..
प्रदर्शन के साथ ही पूरे दिन सोशल मीडिया पर भी 4600 ग्रेड पे का मुद्दा छाया रहा। फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर प्रदर्शन की तस्वीरें, वीडियो और खबरें तेजी से साझा की जाती रहीं। कई सामाजिक संगठनों, पूर्व सैनिकों और आम नागरिकों ने भी पुलिस कर्मियों के समर्थन में अपनी प्रतिक्रिया दी।इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विधायक रहने के समय के पुराने फोटो और वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुए। इन वीडियो में वह 4600 ग्रेड पे की मांग का समर्थन करते नजर आ रहे हैं। इन पुराने बयानों और तस्वीरों को साझा करते हुए कई लोग सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग करते दिखाई दिए। हालांकि मुख्यमंत्री कार्यालय या सरकार की ओर से इस संबंध में कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।पुलिस महकमे में हिदायतों की चर्चा……
दूसरी ओर, पूरे घटनाक्रम के बीच पुलिस महकमे में इस बात की भी दिनभर चर्चा रही कि पुलिस कर्मियों को सोशल मीडिया पर प्रदर्शन से जुड़ी किसी भी पोस्ट, फोटो या वीडियो को लाइक, कमेंट या शेयर नहीं करने की सख्त हिदायत दी गई है। विभागीय अनुशासन को देखते हुए इस तरह की मौखिक हिदायतों की चर्चा पुलिस लाइन से लेकर विभिन्न जिलों तक होती रही। हालांकि इस संबंध में पुलिस मुख्यालय की ओर से कोई आधिकारिक आदेश सार्वजनिक नहीं किया गया है।कई संगठन हुए एक मंच पर……
मार्च में पुलिस परिवार के अलावा उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा, सुराज सेवा दल, आम आदमी पार्टी, यूकेडी, जन अधिकार पार्टी, उत्तराखंड टाइगर फोर्स, काली सेना, देवभूमि युवा संगठन, किसान यूनियन समेत कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। बॉबी पंवार, उमा सिसोदिया, महिपाल पुंडीर, सुलोचना इष्टवाल, विवेक तिवारी, ललित श्रीवास्तव, भूपेश जोशी, आशीष नौटियाल सहित कई प्रमुख चेहरे मार्च में मौजूद रहे।कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने पुलिस परिवार, विभिन्न संगठनों, नागरिकों तथा प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। वहीं अब पुलिस कर्मियों की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं कि वर्षों से लंबित 4600 ग्रेड पे की मांग पर कब और क्या निर्णय लिया जाता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!