“कहीं आपके नाम पर तो नहीं चल रहे फर्जी मोबाइल नंबर.? अभी करें जांच, वरना साइबर ठग बना सकते हैं शिकार..!
STF/SSP अजय सिंह की अपील— ऐप डाउनलोड कर, अपने नाम पर जारी नंबर जांचें, अंजान नंबर दिखने पर तुरंत करें रिपोर्ट.!

पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून: साइबर अपराधों और मोबाइल सिम के दुरुपयोग से बचाव के लिए उत्तराखंड एसटीएफ ने आमजन से सतर्क रहने और भारत सरकार के संचार साथी (Sanchar Saathi) पोर्टल का नियमित उपयोग करने की अपील की है। एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने कहा
कि कई मामलों में लोगों की जानकारी के बिना उनके नाम पर मोबाइल सिम जारी कर साइबर ठगी, फर्जी कॉल और अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया जाता है। ऐसे मामलों से बचने के लिए प्रत्येक नागरिक को समय-समय पर यह जांच अवश्य करनी चाहिए कि उसके नाम पर कितने मोबाइल नंबर सक्रिय हैं।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications) द्वारा विकसित संचार साथी (Sanchar Saathi) पोर्टल नागरिकों की मोबाइल सुरक्षा को मजबूत करने और साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
यह पोर्टल प्ले स्टोर पर भी उपलब्ध है और इसके माध्यम से लोग अपने नाम पर जारी सभी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि पहले यह सुविधा TAFCOP पोर्टल पर उपलब्ध थी, जिसे अब संचार साथी पोर्टल में शामिल कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि पोर्टल पर जाकर “Know Mobile Connections in Your Name” विकल्प का चयन करें, अपना चालू मोबाइल नंबर दर्ज करें, प्राप्त ओटीपी भरकर लॉगिन करें। इसके बाद आपके नाम पर जारी सभी मोबाइल नंबर स्क्रीन पर दिखाई देंगे।
यदि सूची में कोई ऐसा मोबाइल नंबर दिखाई देता है, जिसका उपयोग आप नहीं कर रहे हैं या जिसकी जानकारी आपको नहीं है, तो संबंधित नंबर का चयन कर “Not My Number” अथवा “Report” विकल्प के माध्यम से शिकायत दर्ज करें। शिकायत मिलने के बाद संबंधित टेलीकॉम कंपनी जांच कर आवश्यक कार्रवाई करते हुए फर्जी या अनधिकृत मोबाइल कनेक्शन बंद कर सकती है।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि संचार साथी पोर्टल के माध्यम से खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक करने, मोबाइल हैंडसेट की वास्तविकता की जांच करने, भारतीय नंबर दिखाकर आने वाली संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय कॉल की शिकायत करने और “चक्षु (Chakshu)” सुविधा के जरिए फर्जी कॉल, एसएमएस, व्हाट्सएप, टेलीग्राम और अन्य साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई जा सकती है।
उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी साझा न करें, फर्जी केवाईसी कॉल या संदेशों से सावधान रहें और समय-समय पर अपने नाम पर जारी मोबाइल सिम की जांच अवश्य करें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।



