अपराधहरिद्वार

“ब्लड कैंप लगाकर कर रहे थे ‘खून का धंधा’, लक्सर पुलिस ने पांच को दबोचा..

गांव-देहात में बिना अनुमति कैंप लगाकर रक्त जुटाने का आरोप, पुलिस ने 27 यूनिट ब्लड और दो वाहन किए बरामद..

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पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; रक्तदान जैसे पवित्र काम की आड़ में ‘खून के सौदागरों’ का खेल.! लक्सर पुलिस ने ऐसे ही एक कथित अवैध ब्लड डोनेशन नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को दबोचा है। पुलिस ने दो वाहनों की तलाशी के दौरान 27 यूनिट रक्त, 27 खाली ब्लड बैग, ब्लड कलेक्शन उपकरण, डोनर चेयर, फॉर्म बुक समेत बड़ी मात्रा में सामान बरामद किया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी गांव-देहात में बिना आवश्यक अनुमति के कैंप लगाकर लोगों से रक्त एकत्र कर रहे थे और इसे ब्लड बैंक में जमा कराने के बजाय अन्य राज्यों में ऊंचे दामों पर बेचने का प्रयास किए जाने की आशंका है।एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर कार्रवाई…..
जनपद में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर द्वारा पुलिस अधिकारियों को सतर्कता के साथ समयबद्ध और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में लक्सर पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग संगठित रूप से गांव-देहात में बिना अनुमति ब्लड डोनेशन कैंप लगाकर लोगों को गुमराह करते हुए रक्त एकत्र कर रहे हैं।प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कोश्यारी के नेतृत्व में घेराबंदी…..
सूचना मिलते ही कोतवाली लक्सर के प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सिंह कोश्यारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई शुरू की। चौकी सुल्तानपुर प्रभारी उपनिरीक्षक बीरेन्द्र सिंह नेगी ने क्षेत्र में तलाश शुरू की और चौकी भिक्कमपुर प्रभारी उपनिरीक्षक यशवीर सिंह नेगी को भी सूचना से अवगत कराया। पुलिस टीम ने अलावलपुर तिराहे पर चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध वाहनों को रोककर उनकी तलाशी ली।स्विफ्ट की डिग्गी में मिला ‘खून का जखीरा’….
पुलिस के मुताबिक स्विफ्ट कार की डिग्गी में रखे आइस बॉक्स से 27 यूनिट रक्त और 27 खाली ब्लड बैग बरामद हुए। इसके साथ ही ब्लड यूनिट की जांच व माप और रक्त संग्रह से संबंधित उपकरण भी मिले। इसके साथ ही स्कॉर्पियो एन कार की तलाशी में चार डोनर चेयर, डोनर फॉर्म बुक, वेट मशीन, 28 प्रमाणपत्र, स्लाइड का डिब्बा और हाथ बांधने वाली चार बेल्ट बरामद हुईं। पुलिस अब इन प्रमाणपत्रों और बरामद सामान के स्रोत व इस्तेमाल की भी जांच कर रही है।गांवों में कैंप, फिर रक्त की कथित खरीद-फरोख्त का शक…..
प्रारंभिक पूछताछ और जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी गांव-देहात में लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित कर कैंप आयोजित कर रहे थे। पुलिस के अनुसार इन कैंपों के लिए आवश्यक अनुमति और लाइसेंस नहीं लिए गए थे। एकत्रित रक्त को निर्धारित ब्लड बैंक तक पहुंचाने के बजाय दूसरे राज्यों में ऊंचे दामों पर बेचने के प्रयास की बात भी सामने आई है। हालांकि इस पूरे नेटवर्क और रक्त की वास्तविक सप्लाई को लेकर पुलिस की विस्तृत जांच जारी है। मामले में कोतवाली लक्सर में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितने कैंप लगाए गए, कितने लोगों से रक्त एकत्र किया गया और रक्त को कहां-कहां भेजा गया।गिरफ्तार आरोपी….
1:- अनित सैनी, पुत्र राजेश कुमार, निवासी फतवा, थाना लक्सर, हरिद्वार।
2:- शुभम कुमार, पुत्र जीतराम, निवासी ग्राम माड़ा बेला, पोस्ट चन्दपुरी कला, थाना खानपुर, हरिद्वार।
3:- दुष्यन्त कुमार, पुत्र मदनलाल सैनी, निवासी सुरेन्द्र नगर कॉलोनी, आवास विकास, थाना कोतवाली सदर, बिजनौर, उत्तर प्रदेश।
4:- कावेन्द्र कुमार, पुत्र विजयपाल सिंह, निवासी निकट सद्भावना अस्पताल, हरतला, थाना सिविल लाइन, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश।
5:- दया सिंह, पुत्र ओमकार सिंह, निवासी ग्राम ईसमपुर ढाणा, थाना गीनौर, जनपद सम्भल, उत्तर प्रदेश।बरामदगी…..
1:- 27 यूनिट रक्त
2:- 27 खाली ब्लड बैग
3:- बीपी मशीन
4:- एचबी मशीन
5:- ब्लड ग्रुप जांच संबंधी सामग्री
6:- डोनर फॉर्म बुक
7:- अमृत चैरिटेबल ब्लड सेंटर के 28 प्रमाणपत्र
8:- स्लाइड का डिब्बा
9:- हाथ बांधने वाली 04 बेल्ट
10:- वेट मशीन
11:- 04 ब्लड डोनर चेयर
12:- ब्लड यूनिट मापने वाली वेट मशीन
13:- स्विफ्ट कार संख्या UK-08-BL-3257
14:- स्कॉर्पियो एन कार संख्या UP-20-CD-8085एसएसपी की दो टूक….
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा कि रक्तदान जैसे पवित्र कार्य की आड़ में अवैध गतिविधियों को अंजाम देने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच कर रही है।पुलिस टीम…..
प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सिंह कोश्यारी, एसएसआई नितिन चौहान, उपनिरीक्षक बीरेन्द्र सिंह नेगी, उपनिरीक्षक यशवीर सिंह नेगी, कांस्टेबल किशोर नेगी, कांस्टेबल जगत सिंह, कांस्टेबल राजेन्द्र बिष्ट, कांस्टेबल अरविन्द चौहान, कांस्टेबल ध्वजवीर सिंह व कांस्टेबल दिगम्बर सिंह।

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