“महिला अस्पताल के पेट्रोल कांड में आया नया ट्विस्ट, युवक ने पीएमएस पर लगाया नौकरी के नाम पर महिला डॉक्टर के खिलाफ शिकायत लिखवाने का आरोप..
किसान नेता सचिन टोडा के साथ सीएमओ कार्यालय पहुंचकर खोला शिकायत का कथित राज, आर्थिक तंगी और परेशान करने के भी लगाए आरोप..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; महिला अस्पताल स्थित प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक (पीएमएस) कार्यालय में पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने के प्रयास की घटना के बाद अब मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। घटना में शामिल बताए जा रहे युवक करन कुमार ने पीएमएस डॉ. राजेश गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में लिखित शिकायत दी है। करन कुमार किसान नेता सचिन टोडा के साथ सीएमओ कार्यालय पहुंचा और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की।
करन कुमार का कहना है कि वह वर्ष 2013 से महिला अस्पताल में सफाई सहित विभिन्न कार्य करता आ रहा है। उसके मुताबिक अलग-अलग पीएमएस के कार्यकाल में उसने अस्पताल में काम किया और इसी के जरिए अपने परिवार का पालन-पोषण करता रहा। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि डॉ. राजेश गुप्ता के पीएमएस का कार्यभार संभालने के बाद उसकी सैलरी रोक दी गई, जबकि उससे अस्पताल में काम कराया जाता रहा।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आर्थिक तंगी के दौर में उसे नौकरी पर रखने का भरोसा दिया गया। करन के मुताबिक करीब ढाई माह पहले नौकरी देने का आश्वासन देकर उससे महिला चिकित्सक डॉ. निसात अंजुम के खिलाफ शिकायत लिखवाई गई। उसका दावा है कि आर्थिक मजबूरी के चलते उसने पीएमएस के कहने पर शिकायत लिखी, लेकिन बाद में उसे नौकरी नहीं दी गई।
करन का आरोप है कि नौकरी के संबंध में जब वह पीएमएस से बात करने पहुंचता था तो उसके साथ कथित तौर पर गाली-गलौच और अभद्र व्यवहार किया जाता था। शिकायतकर्ता के अनुसार लगातार बढ़ते आर्थिक संकट और मानसिक दबाव के चलते वह बेहद परेशान हो गया और इसी वजह से उसने पेट्रोल डालकर अपनी जान देने का प्रयास किया।
करन कुमार ने अपनी शिकायत में आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए कहा कि वह अपने बच्चों का भरण-पोषण करने में भी परेशानी का सामना कर रहा है। उसने आरोप लगाया कि उसे आवास से हटाने के लिए बिजली काट दी गई और विभिन्न तरीकों से परेशान किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने भविष्य में अपने साथ किसी भी प्रकार की अनहोनी होने की स्थिति में पीएमएस डॉ. राजेश गुप्ता को जिम्मेदार ठहराए जाने की बात भी शिकायत में कही है।
किसान नेता सचिन टोडा ने कहा कि मामले में सामने आए आरोप गंभीर हैं और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच में जो तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर संबंधित पक्ष के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। फिलहाल युवक की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पीएमएस डॉ. राजेश गुप्ता का पक्ष सामने आने के बाद ही तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी। सीएमओ कार्यालय में दी गई शिकायत के आधार पर जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।



