“अमेरिकन आश्रम की संपत्ति को लेकर उठे सवाल, सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग..
भाजपा पार्षद आकाश भाटी ने खोला मोर्चा, कई भाजपा नेताओं व क्षेत्रवासियों ने उठाई आवाज, भूमि के स्वामित्व और निर्माण से जुड़े दस्तावेजों की जांच की मांग..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; भूपतवाला स्थित ऐतिहासिक अमेरिकन आश्रम और स्वामी देवानंद ट्रस्ट की धार्मिक संपत्ति को लेकर सामने आ रही शिकायतों ने अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। संपत्ति की चारदीवारी, निर्माण और भूमि के उपयोग में बदलाव से जुड़ी शिकायतों को लेकर सप्तऋषि क्षेत्र के पार्षद आकाश भाटी ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। भाजपा नेता विदित शर्मा समेत अन्य नेताओं ने भी मामले में सरकार से गंभीरता से हस्तक्षेप कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है।
भाजपा पार्षद आकाश भाटी का कहना है कि अमेरिकन आश्रम हरिद्वार की धार्मिक और आध्यात्मिक पहचान से जुड़ी महत्वपूर्ण धरोहर है। ऐसे में इसकी भूमि और संपत्ति से जुड़े किसी भी मामले को केवल स्थानीय विवाद मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि ट्रस्ट की संपत्ति के संबंध में बिना अनुमति विक्रय, हस्तांतरण, निर्माण अथवा भूमि के उपयोग में बदलाव किया गया है तो पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
भाजपा नेताओं का कहना है कि मामला धार्मिक एवं ऐतिहासिक संपत्ति से जुड़ा होने के कारण सरकार और जिला प्रशासन को इसकी गंभीरता से जांच करनी चाहिए। खासतौर पर भूमि के स्वामित्व, ट्रस्ट के अधिकार, पूर्व में हुए किसी विक्रय या हस्तांतरण और वर्तमान निर्माण से जुड़े दस्तावेजों की जांच जरूरी है।
आकाश भाटी ने जिलाधिकारी हरिद्वार और संबंधित विभागों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक विवादित भूमि पर किसी भी नए निर्माण अथवा कब्जे की स्थिति पैदा न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
धार्मिक धरोहर की सुरक्षा जरूरी……
आकाश भाटी ने कहा कि धार्मिक संस्थाओं की संपत्ति केवल जमीन का टुकड़ा नहीं होती, बल्कि उससे संत समाज, श्रद्धालुओं और धार्मिक परंपराओं की भावनाएं जुड़ी होती हैं। इसलिए ऐसी संपत्तियों के संबंध में सामने आने वाली शिकायतों की निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता जरूरी है।
भाजपा नेता विदित शर्मा समेत अन्य नेताओं ने भी सरकार से मामले का संज्ञान लेने और संबंधित विभागों के माध्यम से जांच कराए जाने की जरूरत बताई है। नेताओं का कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संपत्ति को लेकर लगाए जा रहे आरोपों में कितनी सच्चाई है।
मामले में अब निगाह प्रशासन और सरकार की ओर है। यदि सरकार स्तर से जांच के निर्देश दिए जाते हैं तो ट्रस्ट की संपत्ति से जुड़े पुराने राजस्व अभिलेख, स्वामित्व दस्तावेज, हस्तांतरण अथवा विक्रय से संबंधित कागजात और निर्माण की अनुमति से जुड़े रिकॉर्ड जांच के दायरे में आ सकते हैं। इससे पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है।



