हरिद्वार

“लज्जा बैंक्वेट हॉल में शादी समारोह पर कोई संकट नहीं, केवल होटल को लेकर आया आदेश, ऊपरी अदालत में चुनौती देगी कंपनी..

दीपिका इवेंट कंपनी का आरोप, कोर्ट को गुमराह करने के बाद अब बैंक्विट हॉल को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम, जल्द करेंगे कानूनी कार्रवाई..

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पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; होटल ग्रैंड लज्जा को लेकर आए अदालती आदेश के बाद लज्जा बैंक्वेट हॉल में शादी-विवाह और अन्य समारोहों की बुकिंग कराने वाले लोगों की चिंता दूर करने के लिए दीपिका इवेंट कंपनी सामने आई है। कंपनी के निदेशक देवेंद्र सिंह राघव ने कहा कि पांच अक्टूबर 2026 को जिस मामले में अदालत ने आदेश दिया, वह होटल की संपत्ति से जुड़ा है। उनके मुताबिक, आदेश में बैंक्वेट हॉल को खाली कराने का अलग निर्देश नहीं दिया गया है। कंपनी का कहना है कि होटल से जुड़े आदेश को बैंक्वेट हॉल पर भी लागू बताकर ग्राहकों के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है। कंपनी इस आदेश को ऊपरी अदालत में चुनौती देगी और भ्रम फैलाने के मामले में भी कानूनी कार्रवाई करेगी।राघव के मुताबिक, संपत्ति के मालिक महेश जैन के बेटे गौरव जैन ने पूरी संपत्ति को अपना बताते हुए दीपिका इवेंट कंपनी के साथ एग्रीमेंट किया था। बाद में संपत्ति को लेकर विवाद हुआ और पिता-पुत्र की ओर से अलग-अलग मुकदमे दायर किए गए। कंपनी का कहना है कि पीछे स्थित बैंक्वेट हॉल के हिस्से को महेश जैन की संपत्ति बताने का उल्लेख उनसे जुड़े अलग मुकदमे में किया गया है। कंपनी के अनुसार, गौरव जैन की ओर से दायर मुकदमे में भी इस बात का उल्लेख है। ऐसे में कंपनी का सवाल है कि जब संपत्ति के अलग-अलग हिस्सों को लेकर मुकदमों में अलग दावे किए गए हैं, तो होटल और बैंक्वेट हॉल को एक ही मानकर ग्राहकों के बीच भ्रम क्यों फैलाया जा रहा है? कंपनी का आरोप है कि इससे उसके कारोबार, कर्मचारियों और समारोहों की तैयारी कर रहे ग्राहकों को नुकसान पहुंच रहा है।अदालती आदेश की सीमा को लेकर कंपनी का सवाल……
पांच अक्टूबर 2026 को प्रथम अपर जिला जज, हरिद्वार की अदालत ने गौरव जैन व अन्य बनाम प्रतिभा व अन्य मामले में विवादित संपत्ति का कब्जा 30 दिन के भीतर सौंपने और किराये व क्षतिपूर्ति की रकम चुकाने का आदेश दिया। आदेश में संपत्ति का उल्लेख उस संपत्ति के रूप में किया गया है, जिसका विवरण मुकदमे में दिया गया था। आदेश में बैंक्वेट हॉल का अलग से नाम लेकर उसे खाली कराने का निर्देश दर्ज नहीं है। इसी आधार पर दीपिका इवेंट कंपनी का कहना है कि होटल से जुड़े आदेश को बैंक्वेट हॉल पर भी लागू बताना सही नहीं है। कंपनी के मुताबिक, इस मामले में यह समझना जरूरी है कि मुकदमे में किस संपत्ति का जिक्र है और अदालत का आदेश किस हिस्से से संबंधित है। हालांकि, आदेश किन हिस्सों पर लागू होता है, यह मुकदमे में दिए गए संपत्ति के विवरण और अदालत के रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होगा।संपत्ति को लेकर हाईकोर्ट में भी मामला…..
उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड के अनुसार, दीपिका इवेंट्स प्राइवेट लिमिटेड बनाम गौरव जैन का मामला उत्तराखंड हाईकोर्ट में प्रथम अपील के रूप में भी दर्ज है। कंपनी का कहना है कि संपत्ति को लेकर विवाद अदालत में विचाराधीन है और सभी तथ्यों को देखे बिना होटल और बैंक्वेट हॉल को एक ही बताना उचित नहीं है। राघव ने कहा कि कंपनी ऊपरी अदालत में अपना पक्ष रखेगी। साथ ही, बैंक्वेट हॉल को लेकर भ्रम फैलाने के मामले में भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।ग्राहकों से अपुष्ट चर्चाओं पर ध्यान न देने की अपील……
देवेंद्र सिंह राघव ने लज्जा बैंक्वेट हॉल में शादी-विवाह और अन्य समारोहों की बुकिंग करा चुके लोगों के साथ ही भविष्य में बुकिंग कराने की योजना बना रहे ग्राहकों से अपील की कि वे होटल से जुड़े अदालती आदेश को लेकर चल रही चर्चाओं के आधार पर बैंक्वेट हॉल के बारे में कोई निष्कर्ष न निकालें। उन्होंने कहा कि कंपनी के मुताबिक, मौजूदा आदेश होटल से संबंधित है और बैंक्वेट हॉल को खाली कराने का अलग निर्देश नहीं दिया गया है। यदि किसी ग्राहक को अपनी बुकिंग या प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर कोई आशंका है, तो वह अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय सीधे कंपनी से संपर्क कर सही जानकारी प्राप्त करे। राघव ने कहा कि कंपनी अपने पक्ष को ऊपरी अदालत में रखेगी और ग्राहकों के भरोसे की रक्षा के लिए जरूरी कानूनी कदम उठाएगी।

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