
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: इंस्टाग्राम पर कमेंटबाजी, वर्चस्व की लड़ाई और फिर सड़कों पर मारपीट… कनखल क्षेत्र में दहशत का दूसरा नाम बन चुके “पिल्ला गैंग” पर आखिरकार पुलिस का शिकंजा कस गया। मारपीट के बाद वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करना इस गैंग का स्टाइल था,
ताकि इलाके में डर और दबदबा कायम रहे। कनखल पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 नाबालिग समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 8 अन्य की पहचान कर ली गई है जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर जनपदभर में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” अभियान के तहत हुड़दंगियों, बदमाशों, शराब तस्करों और सोशल मीडिया पर दहशत फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कनखल क्षेत्र में सक्रिय युवकों के गुटों पर पुलिस ने निगरानी बढ़ाई हुई थी।
SHO देवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में गठित सादे कपड़ों की पुलिस टीमों को जगजीतपुर, पीठ पुलिया, फुटबॉल ग्राउंड और गुरुकुल कांगड़ी क्षेत्र में लगाया गया था। पुलिस इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और इंस्टाग्राम पर अपलोड वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही थी।
जांच के दौरान 10 अप्रैल को कुलदीप के पुत्र के साथ हुई मारपीट के मामले में दर्ज मुकदमें से संबंधित युवकों के नाम सामने आए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 2 नाबालिग सहित 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान आर्यन सैनी पुत्र मेघराज सैनी निवासी इंदुपुरम कॉलोनी, जगजीतपुर, कनखल के रूप में हुई है। सभी आरोपियों को न्यायालय रोशनाबाद में पेश किया जा रहा है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने क्षेत्र में हुड़दंग मचाने वाली 8 मोटरसाइकिलें भी सीज कीं। इनमें स्प्लेंडर पर पल्सर के टायर, मॉडिफाइड साइलेंसर, दोषपूर्ण नंबर प्लेट, प्रेशर हॉर्न और साइलेंसर से पटाखे छोड़ने जैसी खतरनाक मॉडिफिकेशन पाई गईं।
पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि सड़क पर पटाखे छोड़ने या मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर दहशत फैलाने वालों के वाहन तुरंत सीज किए जाएंगे।
पुलिस टीम में SHO देवेन्द्र सिंह रावत, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अनुज सिंह, उपनिरीक्षक सुधांशु कौशिक, उपनिरीक्षक गम्भीर तोमर, अपर उपनिरीक्षक ललित मोहन, उपनिरीक्षक प्रकाश चन्द्र, हेड कांस्टेबल जितेन्द्र शाह, कांस्टेबल सतेन्द्र रावत, कांस्टेबल उमेद सिंह व कांस्टेबल प्रलव चौहान शामिल रहे।



