“हरिद्वार पुलिस का कमाल, 35 लाख के 104 मोबाइल ढूंढकर लौटाई लोगों की मुस्कान..
SSP नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने हासिल की बड़ी सफलता..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: खोए हुए मोबाइल फोन वापस मिलने की उम्मीद छोड़ चुके लोगों के लिए हरिद्वार पुलिस खुशियों की सौगात लेकर आई है। पुलिस ने ऑपरेशन रिकवरी के तहत देश के विभिन्न राज्यों से 104 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को सुपुर्द किए हैं।
बरामद मोबाइल फोन की कुल कीमत करीब 35 लाख रुपये आंकी गई है। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने हरिद्वार पुलिस का आभार व्यक्त किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर जनपद के सभी थाना प्रभारियों को सीईआईआर (CEIR) पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए खोए मोबाइल फोन बरामद करने के निर्देश दिए गए थे। इसी अभियान के तहत लगातार कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है।
शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा के नेतृत्व में कोतवाली नगर पुलिस टीम ने सीईआईआर पोर्टल व अन्य तकनीकी माध्यमों की मदद से 104 मोबाइल फोन रिकवर किए। बरामद मोबाइल उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, गुजरात, सिक्किम, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों से बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार बरामद मोबाइलों में से 37 मोबाइल ऐसे स्वामियों के हैं जो अन्य राज्यों में निवास करते हैं और दूरी अधिक होने के कारण हरिद्वार नहीं पहुंच सकते। ऐसे सभी मोबाइल फोन संबंधित स्वामियों तक कोरियर सेवा के माध्यम से पहुंचाए जाएंगे। वहीं जिन मोबाइल स्वामियों ने कोतवाली नगर पहुंचकर अपने फोन प्राप्त किए, उन्होंने हरिद्वार पुलिस की कार्यशैली की सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
हरिद्वार पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी का मोबाइल फोन खो जाता है तो घबराने के बजाय तत्काल इसकी सूचना नजदीकी पुलिस स्टेशन में दर्ज कराएं या सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। पुलिस हर संभव प्रयास कर मोबाइल को बरामद कर उसके वास्तविक स्वामी तक पहुंचाने का कार्य करेगी।
ऑपरेशन रिकवरी में शामिल पुलिस टीम….
प्रभारी निरीक्षक कुंदन सिंह राणा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक गोपाल भट्ट, उपनिरीक्षक नवीन चौहान, उपनिरीक्षक नवीन नेगी, उपनिरीक्षक संजीत कंडारी, कांस्टेबल राकेश व कांस्टेबल निर्मल ने अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



