
पंच👊नामा-ब्यूरो
मंगलौर; लॉटरी निकलने और लाखों रुपये का इनाम मिलने का सपना दिखाकर लोगों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ करने वाले साइबर ठग का मंगलौर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क से जुड़े 23 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में आरोपी के नाम से संचालित छह बैंक खातों के जरिए 80 लाख रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी किए जाने का खुलासा हुआ है। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से एक बैंक खाते के खिलाफ ही देश के अलग-अलग राज्यों में 20 से अधिक साइबर शिकायतें दर्ज मिली हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर जनपद में साइबर अपराधियों और ऑनलाइन ठगी के नेटवर्क के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलौर पुलिस को साइबर ठगी से जुड़े एक संदिग्ध बैंक खाते की जानकारी मिली, जिसके बाद मामले की गहनता से जांच शुरू की गई।
एसपी देहात अभय सिंह के निर्देशन में पुलिस टीम ने प्रतिबिम्ब पोर्टल से प्राप्त हॉटस्पॉट मूल अकाउंट के विवरण की पड़ताल की। जांच में बैंक खाता संख्या 57410110000747 के विरुद्ध विभिन्न राज्यों में 20 से अधिक साइबर शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना मंगलौर में आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
इंस्पेक्टर भगवान मेहर के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने संदिग्ध बैंक खाते और उसके खाताधारक के संबंध में जानकारी जुटाते हुए जांच को आगे बढ़ाया। इस दौरान खाते का संबंध आकाश कुमार पुत्र वीरेन्द्र, निवासी गोपालपुर, उम्र 23 वर्ष से होना सामने आया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ और बैंक खातों की पड़ताल की तो साइबर ठगी के बड़े खेल की परतें खुलती चली गईं।
जांच में पता चला कि आरोपी अपने नाम से कुल छह बैंक खाते संचालित कर रहा था। इन खातों के माध्यम से गुजरात, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पंजाब समेत विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज मिलीं। पुलिस के मुताबिक, इन छह बैंक खातों के जरिए 80 लाख रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी की गई।
लॉटरी और इनाम का लालच देकर फंसाता था लोग…….
पुलिस जांच में आरोपी की ठगी का तरीका भी सामने आया। वह लोगों को फोन और अन्य माध्यमों से संपर्क कर लॉटरी निकलने अथवा बड़ा इनाम मिलने का झांसा देता था। इनाम पाने के लालच में लोग उसकी बातों में आकर साइबर ठगी का शिकार बन जाते थे। ठगी के जरिए खातों में पहुंचने वाली रकम को आरोपी एटीएम से निकालता था और फिर उसे अन्य लाभार्थी खातों में ट्रांसफर कर देता था, ताकि रकम के लेनदेन को अलग-अलग खातों के जरिए आगे बढ़ाया जा सके।
छह पासबुक, छह एटीएम और दो मोबाइल बरामद……
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से छह बैंक पासबुक, छह एटीएम कार्ड और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। फिलहाल मामले में आरोपी से जुड़े बैंक खातों और साइबर ठगी के नेटवर्क की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और ठगी की रकम के लेनदेन के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।



