
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: ज्वालापुर क्षेत्र में गुमशुदगी से शुरू हुआ मामला आखिरकार सनसनीखेज हत्याकांड में तब्दील हो गया। रवि चौहान की हत्या का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है—जमीन के लालच में रिश्तों का खून कर दिया गया।
मामा-भांजे द्वारा दी गई सुपारी पर हत्या को अंजाम दिया गया, जबकि सुपारी लेकर वारदात करने वाले हिस्ट्रीशीटर और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया गया है। दो दिन पहले रानीपुर झाल से मिले शव के पीछे की साजिश ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर पुलिस ने खोली परत-दर-परत साजिश…..
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर पुलिस ने गहन जांच शुरू की। गुमशुदगी दर्ज होने के बाद से ही पुलिस हर एंगल पर काम कर रही थी। शव मिलने के बाद मामला हत्या में बदल गया और पुलिस ने डिजिटल एविडेंस व मुखबिर तंत्र के जरिए पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।
प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान सिंह व सीआईयू निरीक्षक नरेंद्र बिष्ट के नेतृत्व में खुलासा….
प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान सिंह अधिकारी और सीआईयू निरीक्षक नरेंद्र बिष्ट के नेतृत्व में टीम ने संदिग्धों को चिन्हित कर हिस्ट्रीशीटर नदीम को हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ में उसने अपने साथी दानिश अली के साथ मिलकर हत्या की बात कबूल ली। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके कब्जे से हत्या में इस्तेमाल बाइक व सुपारी की बची रकम ₹61,000 बरामद की।
पहले शराब पिलाई, फिर गला घोंटकर फेंक दिया शव….
पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने डेढ़ लाख रुपये की सुपारी लेकर पहले रवि चौहान को अपने साथ बैठाया, फिर शराब पिलाई और बाद में मारपीट कर उसका गला घोंट दिया। मृत समझकर शव को रानीपुर झाल के पास फेंक दिया गया।
जमीनी विवाद बना हत्या की वजह…
जांच में खुलासा हुआ कि मृतक को उसके भाई ने जमीन गिफ्ट की थी, जिससे नाराज मामा-भांजा लंबे समय से विवाद में थे। लालच में आकर उन्होंने हत्या की साजिश रची और सुपारी देकर वारदात को अंजाम दिलाया।
पुलिस ने सुपारी किलर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि हत्या की साजिश रचने वाले मामा-भांजा फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।
पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान सिंह, एसएसआई हर्ष अरोड़ा, उपनिरीक्षक समीप पांडे, उपनिरीक्षक अंशुल अग्रवाल, उपनिरीक्षक मनीष भंडारी, अपर उपनिरीक्षकराकेश सिंह, हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र, कांस्टेबल नवीन क्षेत्री, कांस्टेबल संदीप व सीआईयू टीम से निरीक्षक नरेंद्र बिष्ट व कांस्टेबल वसीम शामिल रहे।



