“ना रहेगा ‘डेरा’ ना होगी अव्यवस्था.! उर्स से पहले साबरी मेहमान खाने को किया बंद, हाजिरी के नाम पर जमे लोगों पर लगा ब्रेक..
सुरक्षा से लेकर सफाई तक उठ रहे थे सवाल, जर्जर भवन और गैस सिलेंडर के इस्तेमाल को लेकर भी था खतरा; जरूरत पड़ी तो उर्स में जायरीनों के लिए खुलेगा मेहमान खाना..

पंच👊नामा
पिरान कलियर; विश्व प्रसिद्ध दरगाह हजरत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक के सालाना उर्स में अब चंद दिन ही शेष हैं। लाखों/करोड़ो जायरीनों की आस्था के केंद्र पिरान कलियर में उर्स/मेले की तैयारियां जोर पकड़ चुकी हैं। पुलिस और प्रशासन से लेकर दरगाह प्रबंधन तक व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने में जुटा है।
इसी बीच दरगाह कार्यालय के सामने स्थित साबरी मेहमान खाने को इस बार कथित ‘हाजिरी’ के नाम पर लंबे समय से जमे लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। दरगाह प्रशासन ने मेहमान खाने के प्रवेश मार्गो पर टीन शेड लगाकर उसे बंद कर दिया है। प्रशासन के इस कदम को उर्स की व्यवस्थाओं और सुरक्षा की दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
दरअसल, दरगाह कार्यालय के सामने स्थित यह मेहमान खाना लंबे समय से उन लोगों का ठिकाना बना हुआ था, जो कथित तौर पर हाजिरी के नाम पर यहां डेरा जमाए रहते थे। बताया जाता है कि मेहमान खाने के बेसमेंट से लेकर अन्य हिस्सों तक कई लोग लंबे समय से कब्जा जमाकर रह रहे थे। यहां रहने, सोने और खाना पकाने तक की व्यवस्थाएं की जा रही थीं। कई जगहों पर गैस सिलेंडर का इस्तेमाल कर खाना पकाने की बात भी सामने आती रही है।
सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि पुलिस और प्रशासन की ओर से कई बार इस स्थान को खाली कराया गया, लेकिन कुछ समय बाद हालात फिर पहले जैसे हो जाते थे। कथित हाजिरी के नाम पर लोग दोबारा यहां आकर रहने लगते थे। इससे मेहमान खाने में साफ-सफाई और स्वच्छता की स्थिति भी लगातार प्रभावित होती रही। स्थानीय स्तर पर यह भी चिंता जताई जाती रही कि जर्जर हालत में खड़ी इस इमारत में लंबे समय तक लोगों का रहना किसी संभावित हादसे को न्योता दे सकता है। ऊपर से गैस सिलेंडर और खाना पकाने जैसी गतिविधियों के चलते सुरक्षा संबंधी जोखिम और बढ़ जाता था।
साबरी मेहमान खाने को बंद करने के फैसले की एक बड़ी वजह इसकी लोकेशन भी मानी जा रही है। यह स्थान दरगाह कार्यालय के ठीक सामने है और इसी रास्ते से अधिकारियों के अलावा वीआईपी और वीवीआईपी भी दरगाह शरीफ पहुंचते हैं। उर्स के दौरान जब देशभर से लाखों जायरीन और बड़ी संख्या में अधिकारी एवं पुलिस-प्रशासन के अफसर कलियर पहुंचते हैं, ऐसे में इस मार्ग पर किसी तरह की अव्यवस्था सुरक्षा और यातायात दोनों के लिए चुनौती बन सकती है।
ऐसे में उर्स से पहले दरगाह प्रशासन ने इस पूरे स्थान को खाली कराकर बंद करने का निर्णय लिया है। मेहमान खाने पर बाकायदा टीन शेड लगाकर रास्ता बंद किया गया है, ताकि दोबारा कोई व्यक्ति यहां आकर डेरा न जमा सके। दरगाह प्रशासन के मुताबिक मेहमान खाने को स्थायी रूप से किसी उपयोग से बाहर नहीं किया गया है। इसे फिलहाल उर्स की व्यवस्थाओं और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बंद किया गया है। प्रशासन का कहना है कि उर्स के दौरान आवश्यकता पड़ने पर इस स्थान का उपयोग किया जा सकता है और इसका वास्तविक लाभ जायरीनों को मिल सकेगा।
दरगाह प्रशासन का तर्क है कि मेहमान खाने जैसी सुविधा का उद्देश्य जरूरतमंद जायरीनों को सुविधा उपलब्ध कराना है, न कि किसी व्यक्ति या समूह का लंबे समय तक वहां डेरा जमाना। लिहाजा इस बार व्यवस्था को व्यवस्थित करते हुए पहले अनधिकृत जमावड़े को हटाया गया है, ताकि उर्स के दौरान उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल बेहतर तरीके से किया जा सके।
दरगाह हजरत साबिर पाक के सालाना उर्स में देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई और अस्थायी व्यवस्थाओं को लेकर पुलिस-प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती रहती है। साबरी मेहमान खाने को कथित हाजिरी वालों के लिए बंद करने का फैसला इसी व्यापक व्यवस्था का हिस्सा माना जा रहा है।
दरगाह प्रशासन का यह कदम जहां लंबे समय से चली आ रही अव्यवस्था पर रोक लगाने की कोशिश है, वहीं जर्जर भवन में रहने वाले लोगों और गैस सिलेंडर के इस्तेमाल के कारण संभावित सुरक्षा जोखिम को देखते हुए भी इसे अहम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि उर्स के दौरान इस मेहमान खाने का उपयोग किस तरह किया जाता है और क्या इसका वास्तविक लाभ दूर-दराज से आने वाले जायरीनों तक पहुंच पाता है।



