“कर्णप्रयाग निहंग सिखों और व्यापारियों के बीच खूनी संघर्ष के क्रॉस मुकदमों की जांच को हरिद्वार में एसआईटी गठित..
सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी के नेतृत्व में श्यामपुर थाना प्रभारी नितेश शर्मा करेंगे जांच..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: चमोली जिले के कर्णप्रयाग में निहंग सिखों और स्थानीय व्यापारियों के बीच हुए चर्चित खूनी संघर्ष मामले की जांच अब हरिद्वार पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) करेगी। दोनों पक्षों की ओर से दर्ज क्रॉस मुकदमों की निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित करने के लिए
एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह ने पांच सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है। टीम का नेतृत्व सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी करेंगे, जबकि श्यामपुर थाना प्रभारी नितेश शर्मा को मुख्य विवेचक नियुक्त किया गया है।
गौरतलब है कि बीते 16 जून को कर्णप्रयाग में हेमकुंड साहिब से लौट रहे निहंग सिखों और स्थानीय दुकानदारों के बीच वाहन पार्किंग को लेकर विवाद शुरू हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मामूली कहासुनी कुछ ही देर में हिंसक संघर्ष में बदल गई। दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई और धारदार हथियार भी चले। इस घटना में चार स्थानीय व्यापारी और एक निहंग सिख घायल हो गए थे।
घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पंजाब के मोहाली निवासी चार निहंग सिखों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से तलवारें भी बरामद की गई थीं। गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया और स्थानीय लोगों ने आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया था। कई घंटों तक चले हंगामे के बाद प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप से स्थिति सामान्य हो सकी।
मामले में पहले स्थानीय व्यापारियों की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद दूसरे पक्ष यानी निहंग सिखों की ओर से भी पुलिस को तहरीर दी गई, जिसके आधार पर क्रॉस मुकदमा दर्ज किया गया। दोनों पक्षों के आरोपों और घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी थी।
इसी बीच गढ़वाल परिक्षेत्र के आईजी राजीव स्वरूप ने दोनों मुकदमों की जांच चमोली से हरिद्वार स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। इसके बाद हरिद्वार पुलिस ने जांच की जिम्मेदारी संभालते हुए विशेष जांच टीम का गठन किया है। एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यों पर आधारित जांच के लिए एसआईटी बनाई गई है।
टीम में लालढांग चौकी प्रभारी मोहन कठैत, एएसआई युवराज सिंह, कांस्टेबल जितेंद्र घिल्ड़ियाल और एसओजी के सिपाही वसीम को भी शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बयान, वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के साक्ष्य और उपलब्ध अन्य प्रमाणों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जाएगी।



