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“ऑटो में बैठते ही उड़ जाती थी चेन, 7 दिन बाद पुलिस ने दबोचा पूरा गैंग..!

SSP सर्वेश पंवार के निर्देश पर तथाकथित पत्रकार समेत तीन शातिर आरोपी गिरफ्तार, फरार महिला आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस..

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पंच👊नामा-ब्यूरो
कोटद्वार; सार्वजनिक वाहनों में सफर करने वाली महिलाओं को अपना आसान शिकार बनाने वाले अंतरराज्यीय चेन स्नैचर गिरोह का कोटद्वार पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। गिरोह की महिला सदस्य ऑटो और अन्य सार्वजनिक वाहनों में महिलाओं के बिल्कुल पास बैठकर दुपट्टे और बैग की आड़ में पलक झपकते ही गले से सोने की चेन पार कर देती थीं,

जबकि उनके साथी दूसरे वाहन में बैठकर पूरी वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो जाते थे। करीब सात दिन तक चली लगातार जांच, 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और उत्तराखंड से लेकर उत्तर प्रदेश व हरियाणा तक चली तलाश के बाद पुलिस ने तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर ₹1.10 लाख की बरामदगी करते हुए गिरोह का पर्दाफाश कर दिया।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार के निर्देश पर चेन चोरी की इस घटना के शीघ्र खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। एसएसपी ने तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस, सीसीटीवी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र का प्रभावी उपयोग करते हुए आरोपियों तक जल्द पहुंचने के निर्देश दिए, जिसके बाद पुलिस ने युद्धस्तर पर कार्रवाई शुरू की।इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज कुमार ठाकुर के निर्देशन व क्षेत्राधिकारी कोटद्वार अस्मिता ममगाई के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक प्रदीप नेगी के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें गठित की गईं। टीमों ने घटनास्थल से लेकर संभावित भागने के रास्तों तक लगभग 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी दो अलग-अलग कारों से कोटद्वार पहुंचे थे और वारदात के बाद मेरठ की ओर फरार हो गए। इसके बाद पुलिस टीमों ने मेरठ और हरियाणा तक पहुंचकर लगातार पतारसी, सुरागरसी और तकनीकी जांच जारी रखी।कोटद्वार पुलिस और सीआईयू की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से पूरे गिरोह की पहचान कर ली। जांच में मेरठ निवासी तथाकथित पत्रकार सतीश, उसकी पत्नी शिल्पी, बहन ज्योति व फरीदाबाद निवासी विक्रम की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने 30 जून को विक्रम, सतीश और ज्योति को गिरफ्तार कर लिया, जबकि फरार महिला आरोपी शिल्पी की तलाश लगातार जारी है।पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने कोटद्वार से चोरी की गई सोने की चेन ₹1,10,000 में बेच दी थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की रकम ₹1.10 लाख नकद बरामद कर ली है। साथ ही वारदात में इस्तेमाल सियाज कार और अर्टिगा कार भी जब्त कर ली हैं। पुलिस अब चोरी की चेन खरीदने वाले व्यक्ति की भी तलाश कर रही है और उसके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम देता था। महिला सदस्य सार्वजनिक वाहनों में महिलाओं के पास बैठकर दुपट्टे या बैग की ओट में चेन और आभूषण चोरी करती थीं, जबकि साथी दूसरे वाहन में चोरी का माल सुरक्षित रख लेते थे, ताकि तलाशी के दौरान कोई बरामदगी न हो सके। गिरोह लंबे समय से महिलाओं को निशाना बनाकर इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा था।इस सफल कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम में…. उपनिरीक्षक मेहराजुद्दीन, उपनिरीक्षक विनोद चपराना, कांस्टेबल अनुज त्यागी, कांस्टेबल चन्द्रपाल, होमगार्ड कुलदीप, पीआरडी मनीषा एवं पीआरडी मोनिका शामिल रहे। वहीं सीआईयू/एसओजी टीम में प्रभारी रंजीत तोमर, अपर उपनिरीक्षक अहसान अली, हेड कांस्टेबल उत्तम व कांस्टेबल सितान्शु ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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