
पंच👊नामा
रुड़की: लंढौरा के चमन लाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय (स्वायत्त) के छात्रों ने एक बार फिर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। हाल ही में घोषित अग्निवीर भर्ती के अंतिम परिणाम में महाविद्यालय के नौ छात्रों का चयन भारतीय सेना में हुआ है, जबकि एक छात्र टेरिटोरियल आर्मी में चयनित हुआ है। छात्रों की इस उपलब्धि पर महाविद्यालय में खुशी का माहौल है।
अग्निवीर भर्ती में रोहित कुमार, सागर धीमान, नवीन कुमार, अनिवेश कुमार, हिमांशु गुप्ता, विनीत, आर्यन राणा, मोहम्मद कैफ और मोहम्मद उजैर ने सफलता हासिल की है। इनमें मोहम्मद उजैर को छोड़कर सभी छात्र राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) से जुड़े रहे हैं। वहीं एनसीसी कैडेट सौरभ सिंह का चयन टेरिटोरियल आर्मी में हुआ है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुशील उपाध्याय ने कहा कि छात्रों की यह सफलता संस्थान के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाता है। यही कारण है कि छात्र लगातार रक्षा सेवाओं में सफलता प्राप्त कर रहे हैं।
एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. अपर्णा शर्मा ने कहा कि चयनित छात्रों ने कठिन परिश्रम, नियमित प्रशिक्षण और दृढ़ संकल्प के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उनकी सफलता अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।
महाविद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रामकुमार शर्मा ने कहा कि छात्रों की उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि जल्द आयोजित होने वाले एक विशेष समारोह में सभी चयनित छात्रों और उनके अभिभावकों का सार्वजनिक सम्मान किया जाएगा।
प्रबंधन समिति के सचिव डॉ. अरुण हरित ने चयनित युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें अपने भविष्य को लेकर अभी से गंभीर तैयारी जारी रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अग्निवीर सेवा के बाद भी सेना और अन्य अर्धसैनिक बलों में बेहतर अवसर प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत आवश्यक है।
उन्होंने महाविद्यालय के अन्य छात्र-छात्राओं से भी इन युवाओं की सफलता से प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए पूरी लगन से प्रयास करने का आह्वान किया।
महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार पिछले तीन वर्षों में संस्थान के 25 छात्र-छात्राएं सेना, नौसेना, वायुसेना, टेरिटोरियल आर्मी और बीएसएफ सहित विभिन्न रक्षा एवं अर्धसैनिक बलों में चयनित होकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं।



