“कानून व्यवस्था पर फूटा गुस्सा, डीजीपी कार्यालय के बाहर सुराज सेवा दल का उग्र प्रदर्शन..
सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बोला हल्ला, पुलिस ने लिया हिरासत में; रमेश जोशी बोले— अपराध रोकने में पूरी तरह विफल है पुलिस तंत्र..

पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून; उत्तराखंड में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर शनिवार को सुराज सेवा दल के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने डीजीपी कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने डीजीपी से तत्काल इस्तीफे की मांग करते
हुए प्रदेश में लगातार बढ़ रहे अपराधों, कानून-व्यवस्था की स्थिति और आम जनता के प्रति पुलिस के रवैये पर गंभीर सवाल उठाए। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया।
सुराज सेवा दल के अध्यक्ष रमेश जोशी ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और प्रदेश सांप्रदायिक तनाव की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि हत्या, लूट, बलात्कार और अन्य गंभीर अपराधों की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है, जबकि पुलिस नेतृत्व प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय निर्दोष और दबे-कुचले लोगों पर मुकदमे दर्ज कर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहा है।
रमेश जोशी ने कहा कि कर्णप्रयाग की हालिया घटना ने कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। उनका आरोप था कि सामाजिक कार्यकर्ताओं को मुकदमों का भय दिखाया जा रहा है,
जबकि मूल समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते स्थिति नहीं संभाली गई तो प्रदेश में हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं।
उन्होंने राज्य सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में आम जनता, बेरोजगार युवाओं और उत्तराखंडियों पर लाठीचार्ज, मुकदमे और गिरफ्तारी जैसी कार्रवाइयों से भय का वातावरण बन रहा है।
उन्होंने कांग्रेस को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विपक्ष की भूमिका प्रभावी नहीं दिख रही और वह मूकदर्शक बना हुआ है। उनका आरोप था कि दोनों प्रमुख दल बारी-बारी से प्रदेश को कमजोर करने का काम कर रहे हैं।
सुराज सेवा दल ने मांग की कि डीजीपी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि कानून व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो प्रदेशभर में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
प्रदर्शन में महामंत्री देवेंद्र बिष्ट, जिला अध्यक्ष सुमिता अग्रवाल, सागर वर्मा, हिमांशु धामी, विजेंद्र, राजेश थापा, मोनू, लालमढ़ी भारद्वाज, अमिता अग्रवाल, दिव्यांश सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।



