“ऊर्जा निगम में भ्रष्टाचार, बिजली दरों और स्मार्ट मीटर को लेकर सुराज सेवादल। ने मुख्यमंत्री से की शिकायत..
अधिकारियों की कार्यशैली पर उठाए सवाल, बिजली चोरी के नोटिस, खराब मीटर न बदलने पर भी जताई आपत्ति..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; ऊर्जा निगम में कथित भ्रष्टाचार, बढ़ती बिजली दरों, अधिकारियों की कार्यशैली और स्मार्ट मीटर लगाए जाने के मुद्दे पर हरिद्वार के सामाजिक कार्यकर्ता रमेश जोशी ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रबंध निदेशक, ऊर्जा निगम देहरादून को भेजा है। ज्ञापन में विभिन्न मामलों की जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि उत्तराखंड को ऊर्जा प्रदेश कहा जाता है, इसके बावजूद प्रदेश में बिजली की दरें लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि पड़ोसी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश की तुलना में उत्तराखंड के उपभोक्ताओं को अपेक्षित राहत क्यों नहीं मिल रही है।
रमेश जोशी ने आरोप लगाया कि ऊर्जा निगम के कई अधिकारी उपभोक्ताओं के फोन तक नहीं उठाते। हरिद्वार में अधिशासी अभियंता के कार्य व्यवहार पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि
उपभोक्ताओं की शिकायतों का समय पर समाधान नहीं किया जाता। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कई मामलों में घर बैठे ही बिजली चोरी के नोटिस जारी कर भारी-भरकम पेनल्टी लगा दी जाती है। इसके समर्थन में कुछ दस्तावेज भी ज्ञापन के साथ संलग्न किए गए हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि खराब मीटर बदलने की शिकायतें लंबे समय तक लंबित रहती हैं, लेकिन इसी दौरान विजिलेंस की कार्रवाई कर बिजली चोरी के मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं
और उपभोक्ताओं पर आर्थिक दंड लगाया जाता है। इसके अलावा सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों का निस्तारण भी शिकायतकर्ता की संतुष्टि के बिना ही कर दिए जाने का आरोप लगाया गया है।
ज्ञापन में स्मार्ट मीटर लगाए जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा गया है कि उपभोक्ताओं पर इन्हें जबरन थोपा जा रहा है। साथ ही विभिन्न जनप्रतिनिधियों के मामलों का उल्लेख करते हुए कार्रवाई में दोहरे मापदंड अपनाने का भी आरोप लगाया गया है।
रमेश जोशी ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर ऊर्जा निगम की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो जनता आगामी चुनाव में इसका जवाब देगी।



