“जश्न-ए-गौसुल आजम की तैयारियों को लेकर जुटे आयोजक, पिरान कलियर में 23 सितंबर के कार्यक्रम की बनी रूपरेखा..
शाह यावर एजाज कुद्दुसी साबरी की अध्यक्षता में हुई बैठक, शाह गाजी मियां के आगमन से लेकर चादरपोशी और लंगर तक कार्यक्रम तय..

पंच👊नामा
पिरान कलियर। सूफी संतो की नगरी पिरान कलियर में आगामी 23 सितंबर को जश्न-ए-गौसुल आजम का भव्य आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में बरेली शरीफ की खानकाह-ए-शराफतिया सकलैनियां के गद्दीनशीन शाह गाजी मियां मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। कार्यक्रम में चादरपोशी, फातिहाख्वानी, लंगर-ए-आम सहित विभिन्न कार्यक्रम होंगे और आखिर में मुल्क में अमनो-सलामती के लिए विशेष दुआ की जाएगी।
आयोजन की तैयारियों को लेकर पिरान कलियर स्थित मुनव्वर अली साबरी के आवास पर बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता साहिबजादा शाह यावर एजाज कुद्दुसी साबरी ने की। इस दौरान अंजुमन गुलामाने मुस्तफा सोसायटी के पदाधिकारियों और शाह गाजी मियां के मुरीदीन ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा की।
साहिबजादा शाह यावर एजाज कुद्दुसी साबरी ने बताया कि आगामी 23 सितंबर को पिरान कलियर में जश्न-ए-गौसुल वरा का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन सूफी परंपराओं और अकीदत के साथ आयोजित होता है। इसमें कुरआन ख्वानी, महफिल-ए-समा, लंगर ख्वानी और दरगाह साबिर पाक में चादरपोशी सहित विभिन्न कार्यक्रम शामिल रहेंगे। उन्होंने बताया कि वार्षिक आयोजन में दूर-दराज से सूफी अनुयायी और श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।
आयोजक हाजी गुलशाद सिद्दीकी ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 23 सितंबर को बरेली शरीफ की खानकाह-ए-शराफतिया सकलैनियां के गद्दीनशीन शाह गाजी मियां सुबह करीब नौ बजे पिरान कलियर पहुंचेंगे। इस दौरान अकीदतमंदों की ओर से उनका फूल-मालाओं से इस्तकबाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शाह गाजी मियां दरगाह बाबा जिलानी के पास स्थित साबरी कायनात होटल में कयाम करेंगे।
उन्होंने बताया कि इसके बाद करीब 11 बजे गेस्ट हाउस से अकीदतमंदों के साथ जुलूस के रूप में शाह गाजी मियां दरगाह शरीफ पहुंचेंगे। यहां साहिबजादा शाह यावर मियां की मौजूदगी में अकीदत की चादर और फूल पेश किए जाएंगे। दरगाह शरीफ में फातिहाख्वानी का एहतमाम किया जाएगा। इसके बाद दोपहर में सज्जादानशीन की कोठी पर लंगर-ए-आम होगा। कार्यक्रम के अंत में मुल्क में अमनो-सलामती के साथ ही खुशहाली और भाईचारे के लिए दुआ की जाएगी।
खादिम मुनव्वर अली साबरी ने बताया कि अंजुमन गुलामाने मुस्तफा सोसायटी की ओर से हर वर्ष इस कार्यक्रम का आयोजन मरहूम हाजी शादाब साबरी किया करते थे। कुछ माह पूर्व हाजी शादाब साबरी के इंतकाल के बाद यह पहला आयोजन है। उन्होंने बताया कि हाजी शादाब साबरी सोसायटी में सचिव के पद पर रहे और आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे।
उन्होंने बताया कि अब उनकी जगह राहिल कुरैशी को सोसायटी का सचिव बनाया गया है, जो इस वर्ष के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आयोजन को लेकर सोसायटी के पदाधिकारियों और अकीदतमंदों में उत्साह है औऱ कार्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने की तैयारियां की जा रही हैं।
सूफी राशिद अली साबरी ने कहा कि जश्न-ए-गौसुल आजम हजरत शेख अब्दुल कादिर जीलानी (रहमतुल्लाह अलैह) की याद में मनाया जाता है। सूफी परंपरा में उन्हें गौस-ए-आजम के नाम से जाना जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से आध्यात्मिकता, सेवा, भाईचारे और अमनो-सलामती का संदेश लोगों तक पहुंचता है। उन्होंने अकीदतमंदों से आयोजन में शामिल होकर दुआ में शरीक होने की अपील की। बैठक में आलम सैफी, कल्लू भाई, परवेज आलम, राहिल कुरैशी, रियाज कुरैशी, फैसल खान उर्फ मोंटू, सावेज खान, वाजिद अंसारी और रईस अंसारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।



