
पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून; नशे की लत पूरी करने के लिए पहले एक युवक को सुनसान जगह ले जाकर पीटा, फिर उसकी सोने की चेन और मोबाइल लूटकर फरार हो गए। चेन बेचने निकले तो बिल न होने के कारण सुनारों ने हाथ खड़े कर दिए। आखिरकार मजबूरी का हवाला देकर आधी चेन राह चलते व्यक्ति को बेच दी, लेकिन दून पुलिस की नजरों से बच नहीं सके।
पटेलनगर पुलिस ने चेन स्नैचिंग की इस वारदात का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उधर, अपराधियों और संदिग्धों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने क्षेत्र में व्यापक सत्यापन अभियान चलाया, जिसमें 400 से अधिक किरायेदारों व बाहरी व्यक्तियों की जांच की गई और नियमों की अनदेखी करने वाले 45 भवन स्वामियों पर साढ़े चार लाख रुपये का जुर्माना ठोक दिया गया। एक तरफ वारदात का खुलासा, तो दूसरी तरफ सत्यापन की कार्रवाई से पटेलनगर में दून पुलिस का डबल एक्शन देखने को मिला।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून प्रमेन्द्र डोबाल के निर्देश पर अपराधियों की धरपकड़, आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने और संदिग्ध व्यक्तियों के सत्यापन के लिए पटेलनगर पुलिस ने कार्रवाई तेज की। उनके निर्देशों के अनुपालन में इंस्पेक्टर नरेश राठौड़ के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने एक ओर सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से चेन स्नैचिंग की घटना का पर्दाफाश किया,
वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में किरायेदारों, बाहरी व्यक्तियों और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों का सत्यापन कर नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की। पुलिस की इन दोनों कार्रवाइयों में अपराधियों पर शिकंजा कसने के साथ ही क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का प्रयास किया गया।
केस-1: नशे की लत में युवक को बनाया निशाना, चार गिरफ्तार…..
पटेलनगर क्षेत्र में चेन और मोबाइल छीनने की वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, 7 अक्टूबर को अरविंद सिंह निवासी पटेलनगर ने कोतवाली पटेलनगर में तहरीर देकर बताया था कि अज्ञात व्यक्ति उनके भाई को स्कूटी पर एकांत स्थान पर ले गए और उसके साथ मारपीट कर सोने की चेन और मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए। तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर संदिग्धों की तलाश शुरू की गई। इसी दौरान आईएसबीटी क्षेत्र में चेकिंग के दौरान दो अलग-अलग स्कूटी पर सवार चार युवकों को रोककर पूछताछ की गई। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से टूटी हुई सोने की चेन, नकदी और मोबाइल फोन बरामद हुआ। पुलिस ने बरामद सामान के संबंध में सख्ती से पूछताछ की तो आरोपियों ने 7 अक्टूबर को पटेलनगर क्षेत्र में एक व्यक्ति से चेन और मोबाइल छीनने की बात स्वीकार की। इसके बाद चारों को गिरफ्तार कर लिया गया और घटना में प्रयुक्त दोनों स्कूटियों को सीज कर दिया गया।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि चारों आरोपी नशे के आदी हैं और नशे की लत पूरी करने के लिए उन्होंने वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों के अनुसार, घटना वाले दिन उन्होंने ऐसे व्यक्ति को निशाना बनाया, जो उन्हें नशे की हालत में दिखाई दे रहा था। उसे एकांत स्थान पर ले जाकर मारपीट की और चेन व मोबाइल छीनकर फरार हो गए। वारदात के बाद आरोपियों ने सोने की चेन बेचने की कोशिश की, लेकिन बिल न होने के कारण सुनारों ने चेन खरीदने से इनकार कर दिया।
इसके बाद उन्होंने आईएसबीटी के पास एक राह चलते व्यक्ति को अपनी मजबूरी बताकर चेन का आधा हिस्सा बेच दिया और उससे मिले रुपये आपस में बांट लिए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चेन, 34,500 रुपये नकद, छीना गया ओप्पो मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई दो स्कूटियां बरामद की हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हन्नान (20) निवासी ब्रह्मपुरी चौक के पास, अभिषेक सिंह (19) निवासी टर्नर रोड, आरिफ अली (31) निवासी शकुंतला एनक्लेव और समीर (24) निवासी उत्तम कॉलोनी, ब्राह्मणवाला के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, आरिफ पूर्व में मादक पदार्थों की तस्करी और अभिषेक मारपीट सहित अन्य आपराधिक घटनाओं में जेल जा चुका है। अन्य आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटाई जा रही है। कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में आईएसबीटी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक जयवीर सिंह, उपनिरीक्षक बलबीर सिंह रावत, हेड कांस्टेबल हरेंद्र कुमार तथा कांस्टेबल आजाद, पंकज रावत और संदीप शामिल रहे।
केस-2: पटेलनगर में सत्यापन अभियान, 45 भवन स्वामियों पर 4.50 लाख का जुर्माना….
अपराधियों की धरपकड़ के साथ-साथ पटेलनगर पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और किरायेदारों के सत्यापन को लेकर भी व्यापक अभियान चलाया। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने लोहियानगर, चमनपुरी, ब्रह्मपुरी समेत कोतवाली क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में पहुंचकर किरायेदारों, बाहरी व्यक्तियों और आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़े लोगों की जांच की। अभियान के दौरान 400 से अधिक किरायेदारों और बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन किया गया।
इसके अलावा पूर्व में आपराधिक घटनाओं में प्रकाश में आए, आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे व जमानत पर चल रहे 10 अभियुक्तों का भी भौतिक सत्यापन किया गया। पुलिस ने ऐसे लोगों को चेतावनी दी कि यदि वे दोबारा किसी आपराधिक घटना में संलिप्त पाए गए तो उनके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान पुलिस को किरायेदारों और घरेलू नौकरों का सत्यापन नहीं कराने सहित अन्य अनियमितताएं मिलीं। इस पर पुलिस ने 45 भवन स्वामियों के खिलाफ पुलिस अधिनियम की धारा 83 के तहत चालान की कार्रवाई करते हुए कुल 4 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना किया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सत्यापन अभियान का उद्देश्य केवल नियमों का पालन सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि क्षेत्र में रह रहे संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना भी है। पुलिस ने भवन स्वामियों से अपील की कि वे अपने यहां रहने वाले किरायेदारों और घरेलू सहायकों का नियमानुसार सत्यापन अवश्य कराएं, ताकि किसी भी आपराधिक घटना की स्थिति में संबंधित व्यक्ति की पहचान करने और जांच आगे बढ़ाने में आसानी हो सके।



