पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से कथित करीबी और पहुंच का दावा कर एक पतंजलि कर्मचारी से 5.10 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि नगर निगम की दुकानों का आवंटन कराने का झांसा देकर रकम ऐंठी गई और बाद में पैसा वापस मांगने पर धमकियां दी गईं। मामले में कोर्ट के आदेश पर ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने आरोपी और उसकी पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, ज्वालापुर के सुभाषनगर निवासी सुधीर कुमार सारस्वत पतंजलि आयुर्वेदा उत्पाद में स्टोर मैनेजर हैं। उन्होंने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी पहचान पतंजलि में कार्यरत सहकर्मी विमल कुमार से हुई थी। समय के साथ दोनों परिवारों के बीच घरेलू संबंध भी बन गए थे।
आरोप है कि वर्ष 2020 में विमल कुमार ने दावा किया कि उसकी मुख्यमंत्री स्तर तक अच्छी पहुंच है और ज्वालापुर सेक्टर-दो बैरियर से भगत सिंह चौक तक बनने वाली नगर निगम की दुकानों में आवंटन कराया जा सकता है। इसी भरोसे में आकर उन्होंने दो दुकानों के नाम पर पहले 10 हजार रुपये नकद दिए। बाद में आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि दुकान आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने और मुख्यमंत्री के पीए तक रकम पहुंचाने के लिए पांच लाख रुपये और देने होंगे।
शिकायत के अनुसार, जनवरी 2021 से जनवरी 2022 के बीच गूगल पे और फोन पे के माध्यम से कुल पांच लाख रुपये आरोपी के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। इसके बावजूद न तो दुकान मिली और न ही किसी प्रकार का आवंटन हुआ। जब रजिस्ट्री और आवंटन की बात की गई तो आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा।
पीड़ित का आरोप है कि बाद में उन्हें पता चला कि जिस स्थान पर दुकानें बनने की बात कही गई थी, वहां ऐसी कोई योजना ही नहीं थी। रकम वापस मांगने पर आरोपी दंपति ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर प्रभाव होने का हवाला देते हुए धमकियां दीं और झूठे मुकदमे में फंसाने तक की बात कही।
ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी चंद्रभान सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



