“हैंगर लगाने के दौरान मजदूर की मौत के बाद अब झूला सर्कस में भी लापरवाही..
ऊंचाई पर बिना सुरक्षा उपकरणों के कराया जा रहा काम, प्रशासन की निगरानी पर उठे सवाल..

पंच👊नामा
पिरान कलियर; साबिर पाक के सालाना उर्स/मेले की तैयारियां जोर पकड़ रही हैं, लेकिन इन तैयारियों के बीच सुरक्षा इंतजामों की तस्वीर चिंताजनक नजर आ रही है। हाल ही में जर्मन हैंगर/लोहे का वाटरप्रूफ टेंट लगाने के दौरान ऊंचाई से गिरकर एक मजदूर की मौत के बावजूद संबंधित ठेकेदारों ने मानो हादसे से कोई सबक नहीं लिया।
अब झूला सर्कस लगाने के दौरान भी मजदूरों से बिना सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट और पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के ऊंचाई पर काम कराया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि क्या हादसा होने के बाद ही सुरक्षा इंतजामों की याद आएगी.?
दरअसल, साबिर पाक के सालाना उर्स/मेले को लेकर दरगाह प्रबंधन की ओर से मेले से जुड़े विभिन्न कार्यों के ठेके नीलाम किए गए हैं। जायरीनों की सुविधा के लिए जर्मन हैंगर और अन्य व्यवस्थाओं के साथ मनोरंजन के लिए झूला सर्कस आदि के ठेके भी दिए गए हैं। बताया जाता है कि ठेकेदारों को नियमानुसार कार्य करने और सुरक्षा मानकों का पालन करने की हिदायत भी दी गई है।
इसके बावजूद जमीनी तस्वीर इन हिदायतों की पोल खोलती नजर आ रही है। हाल ही में लोहे का हैंगर/वाटरप्रूफ टेंट लगाने के दौरान ऊंचाई से गिरने के कारण एक मजदूर की जान चली गई थी। हादसे के बाद उम्मीद थी कि कम से कम आगे होने वाले ऊंचाई के कार्यों में सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल सुनिश्चित कराया जाएगा, लेकिन अब झूला सर्कस स्थल से सामने आई तस्वीरें अलग ही कहानी बयां कर रही हैं।
झूला सर्कस के लिए बड़े लोहे के स्ट्रक्चर को खड़ा करने का काम चल रहा है। ऊंचाई पर मजदूर लोहे के ढांचे पर काम करते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन उनके पास न तो सेफ्टी बेल्ट नजर आ रही है और न ही हेलमेट समेत अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण। यानी एक हादसे के बाद भी वही लापरवाही, वही जोखिम और सुरक्षा के नाम पर वही खानापूर्ति!
मेले में हजारों की संख्या में जायरीन और स्थानीय लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे में ऊंचाई पर असुरक्षित तरीके से किए जा रहे निर्माण कार्य से केवल मजदूरों की ही जान जोखिम में नहीं है, बल्कि किसी उपकरण या लोहे के हिस्से के नीचे गिरने की स्थिति में आसपास मौजूद लोगों के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है।
सवाल यह है कि जब ठेकेदारों को सुरक्षा मानकों के पालन की हिदायत दी गई है तो फिर मौके पर उसका पालन कौन सुनिश्चित करा रहा है? क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं या फिर समय रहते सुरक्षा बेल्ट, हेलमेट और अन्य जरूरी उपकरणों के इस्तेमाल को अनिवार्य कराया जाएगा?
प्रशासन को चाहिए कि उर्स की तैयारियों से जुड़े सभी ऊंचाई वाले निर्माण कार्यों और झूला-सर्कस स्थलों का तत्काल निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों की जांच करे। जहां भी नियमों की अनदेखी मिल रही है, वहां काम रुकवाकर संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। क्योंकि मेले की रौनक जरूरी है, लेकिन किसी मजदूर या जायरीन की जान की कीमत पर नहीं।



