अपराधदेहरादून

“नशा तस्करी का बड़ा खुलासा, एसटीएफ ने दबोचा सप्लाई नेटवर्क का अहम खिलाड़ी..

एसटीएफ कप्तान अजय सिंह की अगुवाई में कसा गया शिकंजा, पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक जुड़े मिले तार..

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पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; उत्तराखण्ड में नशे के कारोबार पर एसटीएफ का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल तस्करी के चर्चित मामले में एसटीएफ/एएनटीएफ ने एक और बड़े खिलाड़ी को गिरफ्तार कर पूरे सप्लाई नेटवर्क की नई परतें खोल दी हैं। जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी जनवरी 2026 से हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में ट्रामाडोल कैप्सूल की अवैध सप्लाई कर रहा था। इतना ही नहीं, अब तक करीब 77 पेटियां (6,930 डिब्बे) प्रतिबंधित कैप्सूल की अवैध सप्लाई का खुलासा हुआ है। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी ने व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड भी डिलीट कर दिए थे, लेकिन बैंक लेन-देन और डिजिटल साक्ष्यों ने पूरे खेल का पर्दाफाश कर दिया।एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशों पर राज्यभर में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में 11 मई 2026 को एसटीएफ/एएनटीएफ और मंगलौर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 18 हजार प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए गए थे। इस मामले की विवेचना एसटीएफ देहरादून कर रही है। जांच के दौरान मुख्य आरोपी सचिन मनिहाल से मिले साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण, डिजिटल और तकनीकी जांच के आधार पर अंकित कुमार प्रजापति की भूमिका सामने आई, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।जांच में पता चला कि आरोपी अंकित कुमार प्रजापति, मुख्य आरोपी सचिन मनिहाल से SPASMORE (Tramadol) कैप्सूल लेकर हरिद्वार और आसपास के इलाकों में अवैध रूप से सप्लाई करता था। प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री से मिली रकम में अपना कमीशन काटकर बाकी धनराशि नकद और बैंक खातों के माध्यम से मुख्य आरोपी तक पहुंचाई जाती थी।पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों से खुलासा हुआ कि जनवरी 2026 से अब तक आरोपी को लगभग 77 पेटियां (करीब 6,930 डिब्बे) SPASMORE कैप्सूल विभिन्न खेपों में मिली थीं। 27 अप्रैल 2026 को भेजी गई खेप से जुड़े आरोपी के बयान बैंक लेन-देन और डिजिटल साक्ष्यों से पूरी तरह पुष्ट हुए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि पुलिस से बचने के लिए आरोपी ने मुख्य आरोपी के साथ हुई अहम व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड जानबूझकर डिलीट कर दिए थे, लेकिन तकनीकी जांच में यह तथ्य भी सामने आ गया।एसटीएफ ने आरोपी अंकित कुमार प्रजापति को विधिक प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक जियो कीपैड मोबाइल फोन और एक वीवो V50e मोबाइल फोन बरामद कर सीज कर दिए हैं। गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से नियाजूपुरा माजरा, शहाबुद्दीनपुर, जनपद मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) का निवासी है और वर्तमान में रुड़की के संतुष्टि विहार, प्रदीप बिहार कॉलोनी में रह रहा था।एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में पहले से चार आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसके फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक, आर्थिक लाभ, बैंक खातों, डिजिटल साक्ष्यों व पूरे सप्लाई नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। मामले में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी जल्द प्रभावी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।एसटीएफ ने आमजन से अपील की है कि नशे से दूर रहें तथा नशा तस्करी से जुड़ी किसी भी सूचना की जानकारी तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन अथवा एसटीएफ/एएनटीएफ को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

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