पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: चार दिन पहले लाइट गुल होने पर फाउंड्री गेट बिजली घर पर आधी रात हंगामा करना कुछ लोगों को भारी पड़ गया। अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की, सरकारी कार्य में बाधा डालने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में रानीपुर कोतवाली पुलिस ने छह नामजद समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। हंगामे के चलते करीब डेढ़ घंटे तक बिजली आपूर्ति बहाल करने का कार्य भी प्रभावित रहा।
विद्युत विभाग की उपखंड अधिकारी (एसडीओ) अर्चना की ओर से दर्ज कराई गई तहरीर के अनुसार, 28 जून की रात करीब 12 बजे मुन्ना पुत्र डॉ. सुनील, रोहित सैनी, अनिल सैनी, सरजल, अमरीष और उनके अन्य साथी ज्वालापुर द्वितीय बिजली घर पहुंचे।
आरोप है कि बिजली आपूर्ति बाधित होने को लेकर सभी ने परिसर में जमकर हंगामा शुरू कर दिया। कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज करते हुए धक्का-मुक्की की गई और मौके पर पहुंची महिला अधिकारी के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि इस दौरान जातिसूचक शब्दों का प्रयोग भी किया गया।
एसडीओ के अनुसार आरोपियों ने बिजली घर का मुख्य गेट बंद कर दिया, जिससे बिजली आपूर्ति सुचारू करने का कार्य बाधित हो गया। इतना ही नहीं, बिजली के स्विच, कुर्सियों और अन्य उपकरणों में तोड़फोड़ कर सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया। हंगामे के कारण करीब डेढ़ घंटे तक बिजली व्यवस्था प्रभावित रही और कर्मचारियों को आपूर्ति बहाल करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
शिकायत में कहा गया है कि सूचना मिलने पर एसडीओ मौके पर पहुंचीं और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि सभी नशे की हालत में थे और लगातार हंगामा करते रहे। हालात बिगड़ने पर पुलिस को बुलाना पड़ा। पुलिस और विभागीय अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हुई और बिजली आपूर्ति बहाल कराई जा सकी।
रानीपुर कोतवाली प्रभारी मनोहर भंडारी ने बताया कि एसडीओ की तहरीर के आधार पर छह नामजद समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



