हरिद्वार

“भगवा का चोला ओढ़कर पूर्व कांग्रेसी नेता ने रची अमेरिकन आश्रम कब्जाने की साजिश, क्या कालनेमि पर कार्रवाई करेगी सरकार..?

सत्ताधारी पार्टी के पार्षद व नेता कर रहे खुलासे की मांग, सीएम धामी के भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस के दावे की अग्निपरीक्षा..

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पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में 100 वर्ष से अधिक पुरानी अमेरिकन आश्रम व स्वामी देवानंद ट्रस्ट की संपत्ति कब्जाने के पीछे कुछ दिन पहले भगवा चोला ओढ़कर नए-नए संत बने एक पुराने कांग्रेसी नेता की भूमिका अहम बताई जा रही है। पूर्व कांग्रेसी नेता ने पिछले दिनों पहले 500 करोड़ और फिर एक हजार करोड़ के बजट वाले महापीठ की स्थापना का ऐलान इसी भूमि पर किया था। आरोप लग रहे हैं कि सनातन की आड़ में सैकड़ों करोड़ की जमीन हथियाने का षड़यंत्र रचा गया है। धर्मनगरी में यह चर्चाएं भी तैरने लगी हैं कि क्या इसी बेशकीमती संपत्ति हथियाने के लिए एक पूर्व कांग्रेसी नेता ने कालनेमी का रूप धारण किया था। सवाल यह भी है कि क्या इसी कारण कथित संत खुद को राष्ट्रीय स्तर पर हिंदुवादी नेता प्रचारित करने में जुटा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जिस तरह भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दावा करते आए हैं, नगर निगम जमीन घोटाले में दो आईएएस और एक पीसीएस तक कार्रवाई की जद में आ गए, चुनावी साल में विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए भाजपा इस कार्रवाई को नजीर के रूप में पेश करने की तैयारी में है। ऐसे में देखने वाली बात यह है कि धर्मनगरी के संत बाहुल्य क्षेत्र में इस बेशकीमती संपत्ति को हथियाने वालों के गिरेबान तक कानून के हाथ कब तक पहुंचते हैं। या फिर माफियागिरी और भ्रष्टाचार एक मुद्दा बैठे-बैठाए विपक्ष के हाथ में सौंप दिया जाएगा।
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सत्ताधारी पार्षद व नेता ही उठा रहे सवाल……अहम बात यह है कि करोड़ों की संपत्ति हड़पने की साजिश का पर्दाफाश भी भाजपा नेताओं की ओर से किया गया है। सत्ताधारी पार्टी के पार्षद और नेता ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, कार्रवाई और संपत्ति प्रशासन के कब्जे में लेने की मांग कर रहे हैं। वार्ड नंबर एक से भाजपा पार्षद आकाश भाटी और वार्ड नंबर दो से भाजपा पार्षद सुनीता शर्मा की ओर से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर को अलग-अलग पत्र देकर कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। इसलिए भी पुलिस प्रशासन और शासन को इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
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प्राचीन धरोहर में शामिल है आश्रम…..अमेरिकन आश्रम क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक धरोहरों में शामिल है। देश-विदेश से हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही कांवड़ यात्रियों की आस्था भी इस आश्रम से जुड़ी रही है। ऐसे में आश्रम की भूमि की कथित बिक्री को केवल संपत्ति का लेनदेन नहीं माना जा सकता। पार्षद सुनीता शर्मा ने आरोप लगाया कि धार्मिक ट्रस्ट की संपत्ति को गुपचुप तरीके से बेचकर रजिस्ट्री कराई गई है। पूरे मामले में दस्तावेजों और लेनदेन की जांच जरूरी है।पार्षद आकाश भाटी ने धार्मिक ट्रस्ट की संपत्ति के हस्तांतरण और बिक्री से जुड़े कानूनी प्रावधानों की भी जांच कराने की मांग की। भाजपा नेता विदित शर्मा ने कहा कि जांच में यह स्पष्ट होना चाहिए कि संपत्ति की बिक्री किस प्रक्रिया के तहत हुई और उससे संबंधित धनराशि का लेनदेन किस प्रकार किया गया।
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क्षेत्र में उठ रही है ये मांग……मामले की उच्चस्तरीय एसआईटी जांच कराने, कथित अवैध बिक्री को निरस्त कर संपत्ति को सरकारी संरक्षण में लेने, दोषी ट्रस्ट पदाधिकारियों और क्रेताओं के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। इसके अलावा कथित अवैध निर्माण पर रोक लगाकर नियमानुसार कार्रवाई, संपत्ति के सभी कागजात, रजिस्ट्री, बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की फोरेंसिक ऑडिट तथा जांच पूरी होने तक संपत्ति पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश जारी करने की मांग की गई।

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