
पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून: पेंशन अपडेट कराने के नाम पर रिटायर्ड बैंक कर्मी से 10 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले शातिर अपराधी को उत्तराखण्ड एसटीएफ की साइबर क्राइम टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल से धर दबोचा। खुद को बैंक अधिकारी बताकर आरोपी ने कॉल के जरिए झांसा दिया और पीड़ित से अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करा ली।
उत्तराखंड मुख्यमंत्री के अपराध मुक्त उत्तराखण्ड के मिशन को साकार करने के तहत पुलिस महानिदेशक के दिशा-निर्देशन में एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके नेतृत्व में साइबर क्राइम टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया और आरोपी तक पहुंच बनाई।
जांच में सामने आया कि आरुई जीतेन प्रतापति ने अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़ित से HRMS की जानकारी हासिल की और YONO (SBI) खाते में लॉगिन करवाकर दो किश्तों में कुल 10 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए। इस धोखाधड़ी में 5 लाख रुपये सीधे आरोपी के खाते में क्रेडिट हुए थे।
एसटीएफ टीम ने सटीक लोकेशन ट्रेस करते हुए आरोपी जीतेन प्रतापति (31 वर्ष) पुत्र सरदेव प्रसाद निवासी बारानगर, उत्तरी 24 परगना, पश्चिम बंगाल को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को विधिक प्रक्रिया के तहत उत्तराखण्ड लाया जा रहा है। इस मामले में पूर्व में भी एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस टीम में शामिल….
निरीक्षक त्रिभुवन रौतेला, अपर उपनिरीक्षक सुरेश कुमार, अपर उपनिरीक्षक सुमेर सिंह व तकनीकी टीम साइबर/एसटीएफ
जनता से अपील...
एसएसपी अजय सिंह ने आमजन से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि— अंजान नंबरों से आने वाली कॉल/वीडियो कॉल पर भरोसा न करें, किसी भी व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग या निजी जानकारी साझा न करें, फर्जी निवेश योजनाओं, पैसा दोगुना करने के झांसे से बचें, गूगल से कस्टमर केयर नंबर खोजकर सीधे कॉल करने से बचें, किसी भी वित्तीय साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज कराएं।



