“भू-माफियाओं के खिलाफ सुराज सेवा दल का सीएम आवास कूच, बैरिकेडिंग फांदने की कोशिश में कई कार्यकर्ता चोटिल..
सरकारी जमीनों पर कब्जों और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ सुराज सेवा दल ने राजधानी में किया शक्ति प्रदर्शन..

पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून: सरकारी जमीनों पर कथित कब्जों, भू-माफियाओं की मनमानी और आम जनता के साथ हो रही धोखाधड़ी के विरोध में सुराज सेवा दल के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया। प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय गरमा गया, जब कुछ कार्यकर्ता बैरिकेडिंग फांदकर मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे। इस दौरान हुई अफरा-तफरी में कुछ कार्यकर्ता चोटिल भी हो गए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।
सुराज सेवा दल के अध्यक्ष रमेश जोशी?ने कहा कि जब कोई आम व्यक्ति अनजाने में सरकारी भूमि पर छोटा सा मकान बना लेता है तो पूरा सरकारी तंत्र उसके खिलाफ सक्रिय हो जाता है, मकान ध्वस्त कर दिया जाता है और मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं। वहीं दूसरी ओर बड़े भू-माफिया खुलेआम सरकारी जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं, लेकिन प्रभावशाली लोगों और सत्ता पक्ष के कुछ जनप्रतिनिधियों के दबाव के चलते सीमांकन और पैमाइश जैसी कार्रवाई तक नहीं हो पा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर लोगों की निजी जमीनों पर भी कब्जे कराए जा रहे हैं। पीड़ित लोग वर्षों तक न्याय के लिए भटकते रहते हैं, लेकिन दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि भू-माफिया सरकारी और गोल्डन फॉरेस्ट की जमीनों को भोले-भाले लोगों को बेचकर उन्हें दोहरी मार झेलने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
रमेश जोशी ने नगर निगम घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि मामले में दो आईएएस और एक पीसीएस अधिकारी को निलंबित किया जा चुका है, लेकिन पूरे प्रकरण का मुख्य सूत्रधार बताए जा रहे एक कानूनगो के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि उसके खिलाफ पूर्व में भी मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि इसी भेदभावपूर्ण रवैये के विरोध में सुराज सेवा दल ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया है।
प्रदर्शन में देवेंद्र बिष्ट, सुमित अग्रवाल, हिमांशु धामी, विजेंद्र, कावेरी जोशी, पूजा नेगी, संगीता, गीता ठाकुर, इंतजार, नौशाद, अलीम, सुंदर, खलील, जावेद, फिरोज, रेहान, रहमान, सतबीर, नितिन कटारिया, शेखर, सुशील, साबिर राणा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।



