“दयालबाग में महिला शक्ति को नई उड़ान, स्वावलंबन और समान सहभागिता को विस्तार..
पूजनीया रानी साहिबा जी के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में शिक्षा, कौशल विकास और सेवा से सशक्त हो रहीं महिलाएं..

पंच👊नामा
ज्योति एस, आगरा, दयालबाग; महिला सशक्तिकरण का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ समाज की प्रगति में समान भागीदारी के अवसर प्रदान करना है। दयालबाग में शिक्षा, कौशल विकास, हस्तशिल्प और सामुदायिक सेवा के माध्यम से इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। पूजनीया रानी साहिबा जी के संरक्षण, प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में महिलाओं को अपनी प्रतिभा निखारने और विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
14 हस्तशिल्प इकाइयों से कौशल विकास को बढ़ावा….
दयालबाग में संचालित 14 हस्तशिल्प इकाइयां, सिलाई विद्यालय और महिला एसोसिएशन महिलाओं को सिलाई, बुनाई, कढ़ाई तथा हस्तनिर्मित वस्तुओं के निर्माण का प्रशिक्षण और अभ्यास करने के अवसर प्रदान करते हैं। इन गतिविधियों से महिलाएं अपने कौशल को निखारने और स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त करती हैं।
शिक्षा से नेतृत्व तक, हर क्षेत्र में भागीदारी…..
दयालबाग में महिला शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण की परंपरा कई दशकों पुरानी है। विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को अपनी रुचि और योग्यता के अनुरूप आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाता है। कृषि कार्यों, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सामुदायिक सेवा में भी महिलाएं पुरुषों के साथ सक्रिय योगदान देती हैं। इससे उनमें सहयोग, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहन मिलता है।
विशेष प्रशिक्षण से आत्मविश्वास को मजबूती….
महिलाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों और सशस्त्र बलों से संबंधित प्रशिक्षण जैसी पहलों के माध्यम से उनके व्यक्तित्व विकास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा दिया जा रहा है। इनसे उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानने, नए अनुभव प्राप्त करने और विभिन्न गतिविधियों में जिम्मेदारियां निभाने के अवसर मिलते हैं।
जन्मदिवस पर महिला सशक्तिकरण के प्रयासों का उल्लेख…..
पूजनीया रानी साहिबा जी के जन्मदिवस (13 अक्टूबर) के अवसर पर दयालबाग में महिलाओं की शिक्षा, स्वावलंबन और सामाजिक सहभागिता के लिए किए जा रहे प्रयास विशेष महत्व रखते हैं। उनके संरक्षण एवं मार्गदर्शन में संचालित ये गतिविधियां महिलाओं को अपनी प्रतिभा विकसित करने और सामूहिक प्रगति में योगदान देने के अवसर उपलब्ध कराने की परंपरा को आगे बढ़ा रही हैं।



