
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार/लक्सर; रेलवे सिग्नल से छेड़छाड़ कर ट्रेनों के संचालन को प्रभावित करना और फिर लूटपाट की वारदात को अंजाम देना, यही था शातिर कैनूर का अपराध करने का तरीका। वर्ष 2024 में लक्सर और डौसनी रेलवे स्टेशन के बीच हुई लूट की वारदात में वांछित चल रहा ₹25 हजार का इनामी आरोपी करीब दो साल तक पुलिस को चकमा देता रहा। कभी एक राज्य तो कभी दूसरे राज्य में ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचने वाला आरोपी एक बार फिर वारदात को अंजाम देने की फिराक में था, लेकिन इससे पहले ही जीआरपी पुलिस ने उसे दबोच लिया।
जीआरपी कप्तान अरुणा भारती के निर्देश पर रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत लक्सर जीआरपी और एसओजी जीआरपी हरिद्वार की संयुक्त टीम को यह सफलता मिली। पुलिस अधीक्षक रेलवेज अरुणा भारती और पुलिस उपाधीक्षक रेलवेज अनुज के निकट पर्यवेक्षण में फरार इनामी अपराधी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। आरोपी की गिरफ्तारी पर कप्तान और सीओ ने पुलिस टीम की पीठ थपथपाते हुए आगामी त्योहारी सीजन में रेलवे स्टेशनों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए।
लक्सर जीआरपी प्रभारी निरीक्षक राजीव चौहान के नेतृत्व में पुलिस टीम और एसओजी जीआरपी हरिद्वार ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए आरोपी की तलाश तेज कर दी। इसी दौरान सूचना मिली कि ₹25 हजार का इनामी ‘कैनूर’ रेलवे सिग्नलों के आसपास दोबारा वारदात करने की फिराक में घूम रहा है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए संयुक्त टीम ने रेलवे स्टेशन ऐथल के पास आम के बाग में दबिश दी और आरोपी को शाम 7:05 बजे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की गिरफ्तारी से संभावित वारदात को समय रहते रोकने में भी मदद मिली।
पुलिस के अनुसार, 17 मई 2024 को रेलवे स्टेशन डौसनी और लक्सर के बीच सिग्नल से छेड़छाड़ कर लूटपाट किए जाने के मामले में आरपीएफ पोस्ट लक्सर के वादी रविकुमार सिवाच की ओर से थाना जीआरपी लक्सर में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले की विवेचना महिला उपनिरीक्षक प्रीति कर्णवाल को सौंपी गई थी। जांच के दौरान कैनूर का नाम सामने आया, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने प्रयास तेज किए।
मामले में लगातार फरार रहने और गिरफ्तारी से बचने के चलते 7 जनवरी 2026 को आरोपी कैनूर पर ₹25 हजार का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी दूसरे राज्यों में रहकर लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। उसके खिलाफ फरारी में आरोपपत्र भी न्यायालय भेजा जा चुका था। अब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।गिरफ्तार आरोपी की पहचान कैनूर पुत्र फद्दड, निवासी मस्तगढ़, थाना झिंझाना, जनपद शामली, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ रेलवे से जुड़े लूट और चोरी के कई मामले दर्ज हैं।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका…..
इनामी आरोपी की गिरफ्तारी करने वाली संयुक्त टीम में निरीक्षक राजीव चौहान, प्रभारी थाना जीआरपी लक्सर, हेड कांस्टेबल करुणेश कुमार (एसओजी जीआरपी), हेड कांस्टेबल दीपक कुमार (एसओजी जीआरपी) और कांस्टेबल मनोज सिंह (एसओजी जीआरपी) शामिल रहे।
जीआरपी कप्तान अरुणा भारती और सीओ रेलवेज अनुज ने टीम की सराहना करते हुए रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और त्योहारी सीजन में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। जीआरपी ने स्पष्ट किया कि रेल यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे से जुड़े अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।



